बेगुसराय मैं पढ़ने वाले आलू गाजर पढ़ने वाले आरूष राजन रंजन ने 2021 22 की सीबीएसई कक्षा दसवीं में गणित और संस्कृत में 100% अंक प्राप्त करके अपने शिक्षकों और स्कूलों का ही नहीं बल्कि जिले का भी नाम रोशन कर दिया है ।
आपको बताओ कि छात्र राजन रंजन बीआर DAV स्कूल का छात्र है । और उसके पिताजी राजन रंजन इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में डिविजनल एलपीजी हेड है। अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर भी रहे हैं फल स्वरूप फल स्वरूप उनके विभाग में भी जो लोग कार्यरत हैं उनके शिक्षा की तरफ इस तरह के गंभीरता को एक प्रेरणा के रूप में देखते हैं ।


सोशल मीडिया के आधुनिक जमाने में जहां वर्ग के अधिकांश छात्र जो दसवीं में पढ़ाई कर रहे होते हैं या तो उन्हें संस्कृत के प्रति जागरूकता नहीं होती या छात्र संस्कृत से दूर होते जा रहे हैं । जिसका कमोबेश असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा जब जातीय जनगणना को लेकर जब भाषा की बात होगी तो संस्कृत सबसे निचले पायदान पर अकेला असहाय और बेबस लाचार खड़ा मिलेगा ।
आरूष राजन रंजन ने जिस आधुनिकता के दौर में संस्कृत जैसी भाषा में 100 में 100 मार्क्स लाकर उन छात्रों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकेंगे जो छात्र हिंदी और संस्कृत भाषा से ऊपर ऊपर अंग्रेजी भाषा को समझते हैं


दुर्भाग्य है हिंदुस्तान का जहां की देव भाषा संस्कृत जोकि अब सिर्फ भाषाओं की श्रेणी में अपना नाम ही दर्ज करा पा रही है और अपने पतन का दिन गिनने को मजबूर है ।ऐसे में बीआर DAV के छात्र आरूष राजन रंजन ने सिर्फ संस्कृत और गणित में शत प्रतिशत मार्क्स लाकर लाकर सिर्फ स्कूल जिला का नाम ही नहीं रोशन किया बल्कि एक संदेश भी देने का प्रयास किया है जिसे संस्कृति के संरक्षण के रूप में देखा जाना लाजमी है ।
आइए हम सभी मिलकर संस्कृत को एक बार फिर से जीवन तो भाषा के रूप में उतारने का कार्य करें ।

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