कुमार गौरव की रिपोर्ट  

रजौली थाना क्षेत्र के हरदिया पंचायत स्थित नक्सल प्रभावित गांव परतौनिया में रविवार को उत्पाद विभाग व पुलिस टीम के सहयोग से करीब सवा एकड़ में लगी अफीम की फसल को नष्ट की गई।उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद के निर्देशानुसार नक्सल क्षेत्र में की जा रही अफीम की खेती को नष्ट किया गया है।उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि सूचना तंत्र के द्वारा जानकारी मिली थी कि रजौली थाना क्षेत्र के जंगली क्षेत्र में भारी मात्रा में अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के सत्यापन व आवश्यक कार्यवाई हेतु पहले पुलिस बल को भेजा गया।सत्यापन होते ही रजौली डीएसपी एवं थाना को सूचना दी गई।तत्पश्चात टीम बनाकर खेतों में लगी फसल को नष्ट किया गया।उन्होंने कहा कि टीम में उत्पाद विभाग की ओर से इंस्पेक्टर अभिषेक आनंद,रामप्रीति कुमार वआदित्य कुमार के अलावे एसआई गुड्डू कुमार तथा रजौली थाने की ओर से टीम में अनुसंधान इकाई थानाध्यक्ष एसआई सतीश कुमार व पीएसआई धीरज कुमार के अलावे उत्पाद विभाग में प्रतिनियुक्त एएसआई निरंजन सिंह के नेतृत्व में बीएमपी जवान के अलावे होमगार्ड के जवानों के सहयोग से सभी फसल को नष्ट कराया गया है एवं अफीम के फूल को आग के हवाले किया गया।वहीं अफीम की खेती करने वाले जमीन मालिक का पता लगाने हेतु अंचलाधिकारी एवं चौकीदार को निर्देशित किया गया है।मादक पदार्थ अफीम की खेती एवं तस्करी करने वालों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।खेती करने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है।वहीं एनडीपीएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।हालांकि इस मामले में किसी मौके से किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।गौरतलब हो कि अफीम की खेती नक्सली के द्वारा कराया जाता है। जिससे मोटी रकम की प्राप्ति होती है और नक्सलियों का संगठन चलाने में यह राशि सहयोग करती है।बताया जा रहा है कि नशीले पदार्थ अफीम की खेती अधिक लाभ कमाने की लालच देकर नक्सलियों के द्वारा कराया जाता है।जंगली क्षेत्र की जमीन मालिकों को प्रलोभन दिया जाता है।इसकी खेती करने से जल्द ही आप लोग अमीर हो जाओगे कई बार किसानों को सही जानकारी नहीं होने के कारण नक्सली एवं माफिया आगे बढ़कर जमीन मालिकों को सभी जरूरी संसाधन को खेती करने के लिए मुहैया करा देते हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से जंगली क्षेत्रों में पीएलएफआई एवं स्थानीय माफियाओं को जंगल क्षेत्र में हथियारों के साथ घूमते हुए देखा गया था।जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मादक पदार्थ की खेती में इन लोगों का भी सहयोग प्राप्त है।वहीं उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि मादक पदार्थ की खेती करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।

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