अमित कुमार की रिपोर्ट

परबत्ता के विधायक डॉ संजीव कुमार के द्वारा आज विधानसभा में पंचायत जनप्रतिनिधियों के मानदेय को बढ़ाने की आवाज सदन में उठी है। ज्ञात हो कि विधायकों और विधान पार्षदों को हजारों-लाखों रुपए प्रति महीने मिलते हैं और पेंशन भी दिया दाता है. वहीं, दूसरी तरफ पंचायत प्रतिनिधियों को महज 500 से 2500रुपये तक प्रति महीने मिलते हैं. ज्यादातर विकास कार्य पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों के ही माध्यम से ही होता है. ऐसे में यदि उसका मानदेय बढ़ाया जाएगा तो विकास कार्यों पर भी इसका सकारात्मक असर दिखेगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने की मांग की। वहीं विधायक के द्वारा जनप्रतिनिधियों के हक की बात सदन में उठाने पर पूर्वी बोरने की मुखिया काजल कुमारी,परबत्ता प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि पंचायत जनप्रतिनिधियों के मान सम्मान एवं मानदेय की बात सम्मान समारोह के दौरान परबत्ता के यशस्वी विधायक डॉक्टर संजीव कुमार ने जो उठायी थी उस मांग को आज बिहार विधानसभा सभा के सदन पटल पर रख यह दर्शा दिया कि जनप्रतिनिधियों की आवाज सदन से सड़क तक जहाँ उठाने की होगी पूरी शिद्दत से आवाज बुलंद करेंगे। आज उन्होंने दिखा भी दिया कि जो कहते हैं उसे पूरा करने की पूरी कोशिश भी करते हैं आज उसी कड़ी में पंचायत जनप्रतिनिधियों के मानदेय और अधिकारियों द्वारा सम्मान नही देने की मांग सदन में रखी है। ज्ञात हो कि डॉ संजीव कुमार बिहार विधान सभा के सदस्य हैं और जनप्रतिनिधियों के समर्थन से एमलसी बनने वाले सदस्य 12 वर्षों तक सदन में आवज कभी नही बने। अब हमलोगों को पूर्ण विश्वास है कि राजीव कुमार जी के विधान परिषद सदस्य निर्वाचित होने पर दोनो सदनों में हक़,सम्मान, मानदेय और सुरक्षा की मांग जोरदार ढंग से उठेगी और जनप्रतिनिधियों को उनका हक मिलकर ही रहेगा। जनप्रतिनिधियों की आवाज बनने के लिये डॉ संजीव कुमार जी को बधाई दिया ।

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